➤ हिमाचल में पंचायत चुनाव के पहले चरण का प्रचार अभियान थमा
➤ 26 मई को 1293 पंचायतों में डाले जाएंगे वोट
➤ चुनाव के लिए 21,678 मतदान केंद्र और 8,198 कर्मी तैनात
हिमाचल प्रदेश में तीन चरणों में होने वाले पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के पहले चरण के लिए प्रचार अभियान रविवार शाम समाप्त हो गया। अब प्रदेश की 1,293 पंचायतों में 26 मई को मतदान कराया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव ड्यूटी के लिए 8,198 कर्मचारियों और अधिकारियों की तैनाती की गई है। पोलिंग पार्टियों को मतदान सामग्री के साथ रविवार को ही उनके संबंधित क्षेत्रों के लिए रवाना कर दिया गया। वहीं जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में नियुक्त कर्मचारियों को पहले ही भेजा जा चुका है ताकि समय पर मतदान प्रक्रिया शुरू की जा सके।
प्रदेश में पंचायती राज चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। पहले चरण का मतदान 26 मई, दूसरे चरण का मतदान 28 मई और तीसरे चरण का मतदान 30 मई को होगा। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद पंचायत प्रधान, उपप्रधान और पंच पदों के परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
हालांकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य यानी बीडीसी के नतीजे तीनों चरणों की वोटिंग पूरी होने के बाद 31 मई को एक साथ घोषित किए जाएंगे।
निर्वाचन अधिकारी संजीव महाजन ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
प्रदेश में कुल 3,754 पंचायतों में चुनाव हो रहे हैं। इनमें पहले चरण में 1,293 पंचायतों, दूसरे चरण में 1,274 पंचायतों और तीसरे व अंतिम चरण में 1,187 पंचायतों में मतदान होगा।
निर्वाचन आयोग इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर भी विशेष जोर दे रहा है। वर्ष 2020 के पंचायत चुनावों में करीब 78 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार आयोग मतदान प्रतिशत को और बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है।
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के लिए कुल 21,678 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें 3,554 मतदान केंद्र संवेदनशील जबकि 1,585 केंद्र अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं। इन केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
प्रदेश में कुल 50 लाख 79 हजार 48 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 25 लाख 67 हजार 770 पुरुष मतदाता और 25 लाख 11 हजार 249 महिला मतदाता शामिल हैं।
सबसे अधिक मतदाता पांवटा साहिब की भाटावाली पंचायत में हैं, जहां कुल 4,623 वोटर हैं। वहीं किन्नौर के पूह क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुमरा में सबसे कम 178 मतदाता हैं।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान हिमाचल का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र भी चर्चा में है। लाहौल-स्पीति जिले के काजा क्षेत्र की ग्राम पंचायत लांगना कौमिक में स्थित मतदान केंद्र समुद्र तल से 4,587 मीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया गया है।



